About Me

पेशे से पत्रकार हूं। जब भी आसपास कुछ घटते देखता हूं तो कुछ कहने का मन करता है। कुछ ऐसा जो टीवी नहीं कहता। अखबार नहीं लिखते। कई बातें हैं जो काम के दायरे में रहकर नहीं कह सकता। लिहाजा ब्लॉग पर आया हूं। शायद मन की बात रख सकूं।

Thursday, February 25, 2010

क्रिकेट के देवता हैं सचिन

यकीन नहीं होता ये हुआ है, लेकिन जो अपनी आंखों से देखा, जो खबरों में देखा और पढ़ा उस पर तो यकीन करना ही पड़ेगा। वाकई ये किसी चमत्कार से कम तो नहीं, जिस पर तुरंत भरोसा हो जाए। जी हां, ग्वालियर (http://www.cricinfo.com/indvrsa2010/engine/current/match/441828.html) में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए दूसरे वन-डे में सचिन की नाबाद 200 रनों की पारी को चमत्कार के सिवा और क्या कहेंगे आप? क्या कोई इंसान ऐसी पारी खेल सकता है?
नहीं, सचिन इंसान कहां हैं, उन्हें तो उनके फैन्स कब का क्रिकेट का भगवान बना चुके हैं। और ग्वालियर में इस भगवान ने अपना देवत्व दिखा ही दिया।
39 साल से ज्यादा बीत गए एक दिनी क्रिकेट को अस्तित्व में आए। याद कीजिए सालों तक इंग्लैंड में 60 ओवरों का मैच खेला जाता था। तब से अब तक ढेरों विस्फोटक बल्लेबाज आए। विवियन रिचर्ड्स, सनत जयसूर्या, गॉर्डन ग्रीनिज, ग्लेन टर्नर, मैथ्य़ू हेडन, शाहिद आफरीदी, सौरभ गांगुली गिनती लंबी है। लेकिन कोई बल्लेबाज 200 रन के माउंट एवरेस्ट पर नहीं पहुंच पाया।
1975 में ग्लेन टर्नर ने खेली थी 171 रनों की सबसे बड़ी पारी। फिर 1983 कपिल देव इसे 175 तक ले गए। दोनों मैच 60 ओवरों वाले थे,लेकिन तब भी कहा जाता था ये रिकार्ड कोई नहीं तोड़ पाएगा। फिर नौ साल बाद विवियन रिचर्ड्स 1984 में इसे 189 तक ले गए। 13 साल बाद 1997 में पाकिस्तान के सईद अनवर ने इसे 194 तक पहुंचाया। पिछले साल यानी 2009 में जिम्बाब्वे के अनजाने से बल्लेबाज चार्ल्स कॉवेंट्री दोहरे शतक के करीब पहुंचते दिखे, लेकिन अपने पार्टनर की बेवकूफी की वजह से 194 पर नाबाद रह गए। साफ है, रिकार्ड के माउंट एवरेस्ट के करीब पहुंच कर भी योद्धाओं के कदम लड़खड़ा गए। लेकिन, जब ईश्वर इंसान की वेश में हो तो फिर कदम कैसे लड़खड़ाएंगे। ईश्वर तो खुद अपनी कथा लिखता है। वो स्क्रिप्ट राइटर भी है और उसे निभाने वाला कलाकार भी। सचिन भी तो क्रिकेट मैदान में ऐसा ही करते आए हैं। अपनी कहानी खुद लिखते हैं। जब उनके खत्म होने की भविष्याणी होने लगती है, वो नई ऊंचाई के साथ सामने आ जाते हैं। बाकी फिर बौने दिखने लगते हैं।
बहुत कम लोगों को ये ध्यान होगा चेन्नई में सईद अनवर ने 194 रनों की जो रेखा खींची थी, उसे मिटाने की पटकथा भी उसी मैच में लिखी चुकी थी। जी हां, उस मैच में सचिन ने ही अनवर को आउट किया था। मानो उन्होंने अनवर से कह दिया था रुको 200 का ऐवरेस्ट तुम्हारे लिए नहीं है। इस पर मैं फतह करूंगा। बेशक साढ़े बारह साल लग सचिन को ये साबित करने में, लेकिन सचिन ने इसे साबित कर दिया।
क्रिकेट में सचिन तकरीबन हर बड़े रिकार्ड अपने नाम कर चुके हैं। बेशक, टेस्ट क्रिकेट में डॉन ब्रैडमेन के 99 के औसत को कोई पार नहीं कर पाएगा, लेकिन सचिन के अंतरराष्ट्रीय रनों और शतकों के रिकॉर्ड को भी भला कौन पार कर पाएगा? कोई इंसान 20 साल तक मशीन की तरह कैसे खेल पाएगा? इसी मोर्चे पर सचिन सर डॉन से आगे निकल जाते हैं। अब बस टेस्ट में 400 रन। सचिन, आपसे अब यही गुजारिश है।

No comments:

Post a Comment